Phirse Wohi Lyrics In Hindi – Hansraj Raghuwanshi

Lyrics boy presenting the latest hindi bhajan song phirse wohi lyrics in hindi sung by hansraj raghuwanshi. Music given by adamya sharma. Phirse wohi lyrics given by and music composed by hansraj raghuwanshi.

Phirse Wohi Lyrics Lyrics In Hindi

सन्नाटा ही सन्नाटा है
गलियों में है तन्हाई
सन्नाटा ही सन्नाटा है
गलियों में है तन्हाई
शहरों को छोड़ छाड़ के
आज गाँव की याद है आई
शहरों को छोड़ छाड़ कर
आज गाँव की याद है आई
फिरसे वोही महका सा आँगन हो
जब चाहे उड़ जाय जब चाहे मुड़ जाए
जब चाहे उड़ जाय जब चाहे मुड़ जाए
अपने देश को कुदरत को लूटा
मानुष को लूटा सफेद चोला ओढे
माल जमकेगा लंगोटा मास मच्छी जो मिला
सब खा गए मानव के भेष में बाबा
देखो दानव आ गए

नाम भगवान का पैसा अंदर किया
भ्रष्ट हर एक दर हर एक मंदिर किया
अब सजा पापो की जब है मिलने लगी
दुनिया थर थर डर से हिलने लगी
होगी न हमसे भूल सीख मिल गई है बाबा
होगी न हमसे भूल सीख मिल गई है अब
हम बच्चे है तेरे भोले अब तो माफ करना
अब तो माफ करना
मैं फसा परदेश में मेरी अम्मा बिटिया रोए
मैं फसा परदेश में मेरी अम्मा बिटिया रोए
ऐसा भी क्या गुनाह किया रे
मानुस पिंजरे में रोए भोले
ऐसा भी क्या गुनाह किया रे
मानुस पिंजरे में रोए
थक गए सह सह निंदिया होय
थक गए सह सह निंदिया होय
फिरसे वोही खेतो सा आँगन हो
जब चाहे उड़ जाय जब चाहे मुड़ जाए
जब चाहे उड़ जाय जब चाहे मुड़ जाए
अपने देश को
फिरसे वोही महका सा आँगन हो

Written By – Hansraj Raghuwanshi

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