Sher Ki Sawari Bhajan Lyrics – Yogesh Gandharv

आज मैं आपके लिए देवी माँ का भजन Sher Ki Sawari Bhajan Lyrics लाया हूँ जिसके सिंगर योगेश गन्धर्व है और इस भजन को विंग्स एंटरटेनमेंट में रिलीज़ किया है और म्यूजिक कंपोजर samuel rathod है और Sher Ki Sawari Bhajan के लेखक shradul rathod है।

Sher Ki Sawari Bhajan Lyrics

शेर की सवारी करके महारानी
पर्वतों के रस्ते चली आ रही है
ओढ़ के चुनरिया श्रृंगार करके
मोहनी सुरतिया गजब धा रही है
शेर की सवारी करके महारानी
पर्वतों के रस्ते चली आ रही है
पर्वतों के रस्ते चली आ रही है
जहाँ से भी निकले जगदम्बे माता
वहां का हर एक कण पावन हो जाता

हो हो हो
जहाँ से भी निकले जगदम्बे माता
वहां का हर एक कण पावन हो जाता (×3)
माँ की मेहर से पत्थरो पे देखो
हरियाली की फ़िज़ा छा रही है
शेर की सवारी करके महारानी
पर्वतों के रस्ते चली आ रही है
पत्थर पिघल के मृदु बन गए है
राहो के काटे फूल बन है (×2)

पत्थर पिघल के मृदु बन गए है
राहो के काटे फूल बन है (×2)
सूरज की गर्मी कम हो चुकी है
हवाओ में ठंडी लहर आ गई है
शेर की सवारी करके महारानी
पर्वतों के रस्ते चली आ रही है
चलो माँ की भेंटे सभी मिल के गाए
माँ के चरण में शीश झुकाए (×3)

हो हो हो
चलो माँ की भेंटे सभी मिल के गाए
माँ के चरण में शीश झुकाए (×3)
जहाँ दीन दारुण माँ को पुकारे
वहाँ मईया रानी नज़र आ रही है
शेर की सवारी करके महारानी
पर्वतों के रस्ते चली आ रही है
जिस घर मे माँ के चरण पड़ जाते
उसी घर मे सुख है डेरा जमाते

है सारी ये लीला माँ की दया की
सभी बिगड़िया जो बनी जा रही है
शेर की सवारी करके महारानी
पर्वतों के रस्ते चली आ रही है

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